देहरादून, अगस्त 24 -- देहरादून। प्रमुख संवाददाता पहाड़ से पलायन की चुनौती के बीच स्थानीय संसाधनों, आधुनिक तकनीक और बाजार को रोजगार से जोड़कर युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। कई युवा गांव लौटकर कृषि, बागवानी, पर्यटन और उद्यमिता के माध्यम से न केवल अपना रोजगार खड़ा कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।यह बात वरिष्ठ सामाजिक चिंतक एवं लेखक विजेन्द्र रावत ने सोमवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में आयोजित युवा संवाद में कही। कार्यशाला का विषय 'पर्वतीय कृषि, बागवानी, पर्यटन और पर्यावरण के क्षेत्र में संभावित उद्यमिता के अवसर' था。

युवाओं के लिए उद्यमिता के अवसर विजेन्द्र रावत ने कहा कि रोजगार का मतलब केवल सरकारी नौकरी नहीं है। पहाड़ की जमीन, जल, जंगल, कृषि, बागवानी, पशुपालन, पर्यटन और स्थानीय ज्ञान को आधुनिक तकनीक औ...