नई दिल्ली, अगस्त 5 -- चंद्रशेखर तिवारी,हिमालयी क्षेत्र के जानकार हिमालयी क्षेत्र में बसे नगर कभी अपनी स्वच्छ जलधाराओं, प्राकृतिक ढाल व जल निकासी व्यवस्था के कारण जाने जाते थे। आज स्थिति इसके उलट दिखाई देती है। उत्तराखंड के देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर, पिथौरागढ़, श्रीनगर (गढ़वाल); हिमाचल प्रदेश के शिमला, धर्मशाला, मंडी व कुल्लू और जम्मू-कश्मीर के जम्मू जैसे अनेक नगरों में जलमग्न की स्थिति पैदा हो जा रही है। यह स्थिति शहर नियोजन, पर्यावरण संरक्षण व जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों के लिए गंभीर चुनौती भी है। समय रहते इसका समाधान नहीं किया गया, तो पर्वतीय नगरों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। यह विडंबना ही है कि जिन पर्वतीय नगरों का विकास प्राकृतिक जलधाराओं के समीप हुआ, उन्हीं नगरों द्वारा उन जलधाराओं की उपेक्षा की जाने लगी। सदियों से वर्षा जल क...