पहाड़ी झरनों के मेंढ़क पर विलुप्त होने का खतरा
वाराणसी, अक्टूबर 2 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जैसे हिमालय जैव विविधता हॉटस्पॉट इलाके में पाए जाने वाले पहाड़ी झरनों के मेंढ़क पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। मार्बल्ड कैस्केड फ्रॉग यानी अमोलॉप्स मारमोरेटस की आनुवंशिक सेहत खराब है। स्थानीय लोग इसे 'सिसने पाहा' या 'सिसने पा' कहते हैं और पीढ़ियों से भोजन और पारंपरिक इलाज के लिए पकड़ते रहे हैं। देश के पांच संस्थानों के 12 वैज्ञानिकों के नए शोध में पहली बार इसके डीएनए की विस्तृत जांच हुई है। इस इलाके की आबादी बाकी एशिया की तुलना में आनुवंशिक रूप से काफी कमजोर और अलग-थलग है। वैज्ञानिकों का यह शोध अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र 'बीएमसी जेनेटिक्स' मे प्रकाशित हुआ है। शोध दल ने दार्जिलिंग हिल रीजन की 57 जगहों से नमूने लिए। 200 से 2400 मीटर ऊंचाई तक के झरनों, तेज धाराओं और ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.