लखीसराय, मार्च 15 -- प्रकाश मंडल, चानन। भलूई पंचायत के आदिवासी गांव सतघरवा की तस्वीर अब भी घुधंली है। भौगोलिक क्षेत्र ठीक नहीं रहने से हर घर नल जल योजना का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल सका है। जलवायु परिवर्तण और तल्ख मौसम की वजह से गर्मी के दिनों में यहां पानी की किल्लत हर बार होती है। इस बार भी गर्मी के शुरूआती दौर में ही पानी की किल्लत होने लगी है। पानी के लिए सुबह-शाम घर की महिलाएं सिर पर टीना, तसला, डेकची लेकर गांव से आधा किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर पहाड़ से निकलने वाली पईन से पानी भरकर लाती हैं, तब जाकर घर का खाना बन पाता है। अगर महिलाएं घर में नहीं रहे तो बच्चों को प्यासा रहना पड़ जायेगा। गांव की आबादी बढ़ती जा रही है, पर लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जुझना पड़ रहा है। पानी के साथ ही गांव में सार्वजनिक शौचालय का भी अभाव है। ग्रामीण च...
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