नई दिल्ली, मई 10 -- कर्नाटक के बेलगावी जिले का सावदी गांव आम दिनों में बिल्कुल शांत रहता है। यहां की जिंदगी खेतों, मेहनत और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच गुजरती है। लेकिन इसी छोटे से गांव से एक ऐसी कहानी निकली है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। 25 साल के बसवराज धरेप्पा केंपावड ने UPSC आईएफएस यानी भारतीय वन सेवा में रैंक 1 हासिल कर यह साबित कर दिया कि बड़े सपने देखने के लिए बड़े शहर या अमीर पृष्ठभूमि की जरूरत नहीं होती। जरूरत होती है सिर्फ लगातार मेहनत, धैर्य और खुद पर भरोसे की।किसान परिवार से निकलकर बनाया नया इतिहास बसवराज एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता धरेप्पा केंपावड खेती करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति हमेशा बहुत मजबूत नहीं रही। कई बार पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए परिवार को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी। ग...
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