हिन्दुस्तान ब्यूरो, मई 6 -- बिहार में मानसून से पहले ही वज्रपात का कहर शुरू हो चुका है। पिछले दो दिनों में राज्य में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। लाख कोशिश के बाद भी राज्य में ठनका से होने वाली मौतें कम नहीं हो रही हैं। मौसम खराब होने से पहले आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से भेजे जाने वाले अलर्ट कारगर नहीं हो पा रहे हैं। खासकर मजदूरों, बच्चों और पशुपालकों को यह नहीं बचा पा रहा है। बच्चे बाग में खेलने या आम चुनने के फेर में इसके शिकार हो रहे हैं। वहीं, मजदूर और पशुपालक खेतों में इसके शिकार हो रहे हैं। आंकड़ों को देखें तो पिछले दस वर्षों में ढाई हजार से ज्यादा लोगों को यह अपनी चपेट में ले चुका है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्ययन में पता चला है कि वज्रपात से मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में होती हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूर, पशुपालक, बाह...
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