कानपुर, अप्रैल 18 -- कानपुर देहात, संवाददाता। बैशाख अमावस्या के मौके पर शुक्रवार को यमुना व सेंगुर नदियों के प्रमुख घाटों पर स्नानार्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने नदियों में आस्था की डुबकियां लगाईं। इसके साथ ही सूर्य को अर्घ्य देकर मंदिरों व आश्रमों में पहुंच कर पूजन अर्चन करने के बाद सत्तू का दान किया। बैशाख अमावस्या के दिन स्नान सूर्य देव को अर्घ्य देने व पीपल के पेड़ को जल अर्पित करने से कुंडली के कालसर्प दोष को भी दूर किया जा सकता है। इसके साथ पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण की परंपरा है। इस दिन दिन बहते हुए जल में तिल का प्रवाह करने से पितरों का आत्मशंाति के साथ जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता है। यह भी पढ़ें- बैसाख अमावस्या पर लगाई आस्था की डुबकी जबकि इस अमावस्या में सत्तू का दान करने की भी परंपरा है।...