पहले सितार सुना फिर जाना बजाने का तरीका
वाराणसी, मई 12 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सितार वादन सुनकर आनंदित होना और उसे बजाने का तरीका जानना, दोनों अलग-अलग विषय हैं। सोमवार को डालिम्स सनबीम स्कूल मोहिनी कुंज एवं रामकटोरा के विद्यार्थी इन दोनों ही विषयों से परिचित हुए। बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार प्राप्त ध्रुव बेदी ने पहले सितार बजाकर सुनाया उसके बाद बच्चों को इसके बारे में जानकारी दी। यह भी पढ़ें- कला प्रकाश की ओर से अस्सी स्थित होटल गैंजेस व्यू में सोमवार की शाम सांगीतिक कार्यक्रम 'बैठक' का आयोजन किया गया। संगीत सत्र का आयोजन अवसर था भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय एवं स्पिक मैके की ओर से आयोजित सत्र का। दोनों स्थानों पर हुए अलग-अलग सत्रों में ध्रुव बेदी ने मोहिनी कुंज में राग अल्हईया बिलावल की अवतारणा की। आलाप, जोड़ और झाला की प्रस्तुति दी। विलंबित और तीन ताल में द्रुत बंदिशों पर ...
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