गंगापार, जून 14 -- क्षेत्र में सबसे पहले अधिक पैदावार देने वाली कावेरी प्रजाति और सोनम की धान की नर्सरी तैयार करने में किसान लगा हुआ है। कुछ प्रगतिशील किसानों ने 25 मई से 30 मई के बीच में नर्सरी डाल दी थी, उन्होंने यूरिया और डीएपी की पहली ट्राप ड्रेसिंग शुरू कर दी है। जबकि एक जून से आठ जून तक नर्सरी डालने वाले किसान अभी इस इंतजार में है कि धान की नर्सरी कम से कम 15 दिन की हो जाए इसके बाद ही यूरिया और डीएपी की ट्राप ड्रेसिंग की जा सके। हालांकि नहरों में 29 जून के बाद पानी आने से नहरों के पानी के भरोसे रोपाई करने वाले किसान इस बात के इन्तजार में हैं कि बहुत पहले खाद डाल देने से नर्सरी बढ़ जाएगी। उस समय रोपाई के बाद धान की बेहन के गिर कर सड़ सकती है। केवल वहीं किसान रोपाई की जल्दबाजी में हैं जिनके पास निजी बोरिंग से पर्याप्त मात्रा में पानी ...