उन्नाव, जून 11 -- बांगरमऊ। सभासद अतीक खां का जमींदोज किया गया अहाता (बैठका) अराजकतत्वों की शरणस्थली था। सभासद के रसूख के चलते आपराधिक सोच के लोगों दिनभर यहां दारू-गांजा पीकर पड़े रहते थे। पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों नामजद हत्यारोपितों ने पूछताछ में बताया कि पूर्विया टोल के इजराइल ने सभी को अहाते में दारू पार्टी के लिए बुलाया था। उसके बुलावे पर लल्ली, यामीन और शानू के साथ शफी सहित दो-तीन और लोग जुटे थे। सभी ने जमकर दारू पी। इसके बाद इजराइल संत मिलनदास को बहाने से बुलाकर लाया। संत अहाते में पहुंचे। दारू की बोतलें आदि देखते ही उनका पारा चढ़ गया। यह भी पढ़ें- यूपी : संत की हत्या को लेकर तनाव, पुलिस छावनी बना इलाका; सभासद के अहाते पर चला बुलडोजर नाराजगी जताते हुए जाने लगे, तभी इजराइल ने पीछे से उनकी पीठ पर चिकवा वाले चाकू से हमला कर उन्हें म...