वाराणसी, अप्रैल 20 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। साइबर ठगी की घटनाओं में रिकवरी दर काफी कम है। पैसे बैंकों में होल्ड होने के बाद भी पीड़ितों को कोर्ट-कचहरी से लेकर साइबर थाने का चक्कर काटने पड़ रहे हैं। छह माह तो किसी के पैसे चार माह से पैसे बैंकों में होल्ड पड़े हैं। पुलिस का कहना है कि बैंकिंग प्रक्रिया में देरी के कारण पीड़ितों के पैसे लौटाने में देरी हो रही है। साइबर ठगों ने महमूरगंज के बबलू चौबे के पांच लाख रुपये उड़ा दिए थे। उन्हें निवेश के नाम पर ठगा गया। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की तत्परता से पैसे बैंक खाते में होल्ड हो गए। होल्ड कराई गई राशि में एक लाख रुपये मिले। शेष चार लाख पाने के लिए वह साइबर सेल का चक्कर काट रहे हैं। उन्हें प्रक्रिया पूरी किए जाने का हवाला दिया जाता है। कई बार रिमाइंडर भेजे जा...