औरैया, अगस्त 20 -- दोहरे हत्याकांड में प्राथमिकी दर्ज होने में लगे समय को लेकर बचाव पक्ष की ओर से उठाए गए सवाल को अदालत ने खारिज कर दिया। न्यायालय ने माना कि दो लोगों की मौत और घायलों को पहले इलाज उपलब्ध कराने के कारण प्राथमिकी दर्ज कराने में लगा समय परिस्थितियों के अनुरूप स्वाभाविक था। डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया था कि घटना 15 मार्च 2020 को दोपहर करीब 3:20 बजे की बताई गई, जबकि प्राथमिकी शाम 5:50 बजे दर्ज हुई। घटनास्थल से थाने की दूरी करीब दो किलोमीटर होने के कारण प्राथमिकी में हुई देरी पर सवाल उठाया गया। यह भी पढ़ें- रिश्तेदार होने भर से खारिज नहीं हो सकती गवाही, अदालत ने बचाव पक्ष का तर्क नकारा अभियोजन ने बताया कि फायरिंग में सुधा चौबे और मंजुल चौबे की मौत हो गई थी। संजय चौबे को गोली लगी थी और वादी ...