संवाददाता, नवम्बर 23 -- यूपी के कानपुर में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश पीयूष सिद्धार्थ ने 13 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। पीड़िता और उसके पति के बयानों में अंतर का लाभ आरोपी को मिला। पीड़ित ने अपने बयानों में पहले गैंगरेप की बात कही थी, बाद में रेप की बात कही थी। गोविंद नगर निवासिनी महिला ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप के अनुसार एक मार्च 2012 की दोपहर घर के ठीक सामने रहने वाला संजय बाल्मीकि घर आया और नशीला प्रसाद खिला दिया। भांजे की शादी के लिए अलमारी में रखे रुपये व जेवर निकाल लिए। अर्द्धबेहोशी की हालत में ही साथ ले गया। पहले ऑटो और फिर एक कार में बैठाया। कार में दो और लोग मौजूद थे। तीनों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया। संजय उसे एक कमरे पर ले गया जहां बंधक बनाकर एक म...
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