सिद्धार्थ, अप्रैल 2 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। जमीनों, मकानों की रजिस्ट्री कराना अब आसान नहीं होगा। कई बदलाव हो चुके हैं। पहले आधार कार्ड का वेरीफीकेशन होगा उसकी सत्यता की पुष्टि होने के बाद ही आगे का काम बढ़ सकेगा। पहले आधार कार्ड दिखाने पर ही रजिस्ट्री आसानी से हो जाती थी।जमीनों, मकानों की रजिस्ट्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए शासन ने कड़े कदम उठाए हैं। पहले रजिस्ट्री कराने में आधार ही मान्य हो जाता था। उसी आधार पर आसानी से बैनाम हो जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। रजिस्ट्री से पहले आधार कार्ड का वेरीफिकेशन होगा कि संबंधित का ही है या फर्जी है। इसकी परख करने के लिए एक मशीन लगाई गई है। आधार के सत्यता की पुष्टि होने के बाद बैनाम में लगाया जाने वाला थंब इंप्रेशन अगर नहीं लगता है तो रेटीना से जांच की जाएगी। इसके बाद ओटीपी आएग...