गोरखपुर, मार्च 17 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने जटिल डायबिटीज से जूझ रहे महिला मरीज की जान बचाई। 35 साल की महिला को रोज इंजेक्शन से 432 प्वाइंट इंसुलिन देने के बाद भी डायबिटीज काबू में नहीं आ रही थी। मरीज का शरीर इंसुलिन को स्वीकार नहीं कर रहा था। इसकी वजह थी आटोइम्यून बीमारी सिस्टमिक ल्यूपस। बीआरडी के डॉक्टरों ने पहले ल्यूपस का इलाज किया। जिससे मरीज का डायबिटीज पूरी तरह ठीक हो गया। इस केस रिपोर्ट को डायबिटीज के नेशनल कांफ्रेस में प्रस्तुत किया है। जिसमें देश में दूसरा स्थान मिला है।मेडिसिन के प्रोफेसर डॉक्टर राजकिशोर सिंह ने बताया कि नेहरू अस्पताल में मरीज को भर्ती करने पर उसकी डायबिटीज 450 से ज्यादा थी। आम मरीज को इंसुलिन का 20 प्वाइंट इंजेक्शन से ही डायबिटीज ठीक हो जाती है। लेकिन डॉक्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.