अलीगढ़, मार्च 11 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। मंगलवार की रात माह ए रमजान की पहली शब-ए-कद्र की रात मनाई गई। रोजेदारों ने अपने घर व मस्जिद में रात भर इबादत की। कुरान की रात भर तिलावत हुई। रात भर मस्जिदों में तसवीह, तहलील व इबादत होती रही। शब-ए-कद्र की मस्जिदों में नजारा देखते ही बन रहा था। शब-ए-कद्र की रात की हैसियत एक हजार रात के बराबर मानी जाती है। रमजान महीने के 20वें रोजे से मंगलवार को 21वीं शब ए कद्र की रात शुरु हुई। 21, 23, 25, 27 व 29 की रात को शब ए कद्र मानी जाती है। इन्हीं एक रात में कुरान का आना कहा गया है। इसके चलते रोजेदार इन रातों में विशेष इबादत करते हैं। समाजसेवी गुलजार अहमद ने बताया कि ये मुख्य रातें मानी जाती है। रातभर इबादत का दौर चलता है। शब-ए-कद्र में खास तौर से माफी की दुआ मांगी जाती है। इन रातों में किसी तरह नाफरमानी...
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