भागलपुर, फरवरी 10 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। बिहार में बौद्ध सर्किट केवल बोधगया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के कई अन्य जिलों में फैला हुआ है। इनमें से प्रत्येक का बुद्ध के जीवन में विशेष महत्व है। अब बिहार आने वाले बौद्ध पर्यटकों का आना-जाना कहलगांव भी होगा। पहली बार राज्य के बुद्धिस्ट सर्किट में भागलपुर शामिल हुआ है। बिहार टूरिज्म के ब्राउजर में विक्रमशिला भग्नावशेष को स्थान मिला है। इसके साथ ही बिहार के बुद्धिस्ट सर्किट में शामिल होने वाले जिले आठ हो गए हैं। कहलगांव स्थित विक्रमशिला भग्नावशेष की ब्रांडिंग के लिए बोधगया एवं अन्य जगहों में बौद्ध पर्यटकों को ब्राउजर बांटा जा रहा है। दर्शनीय स्थल विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर, जो 13वीं शताब्दी ईस्वी में बने थे। इसकी स्थापना पाल राजा धर्मपाल ने की थी। यह एक जीवंत शिक्षा केंद्र था।...
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