सासाराम, अगस्त 7 -- परसथुआ, एक संवाददाता। सावन में पहली बार हुई अच्छी बारिश से गोरिया नदी उफान पर आ गई है। मानसून आने के करीब दो माह बाद नदी में आई बाढ़ से कछार क्षेत्र में लगी फसलें पानी में डूब गई हैं। हालांकि किसानों का कहना है कि फसल का कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन अच्छी बारिश से उन्हें राहत भी मिली है। ग्रामीण बनारसी चौबे, प्रदीप चौबे और विजय सिंह ने बताया कि लगातार बारिश होने से धान की रोपाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। उनका कहना है कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण किसान चिंतित थे, लेकिन अब पर्याप्त वर्षा होने से खेती-किसानी को नई उम्मीद मिली है। किसानों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होने की संभावना है।

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