शिमला, अगस्त 20 -- हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पारिवारिक पेंशन को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी की पहली पत्नी को उसकी मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन मिल रही थी, तो पहली पत्नी की मृत्यु के बाद दूसरी पत्नी उस पेंशन पर अपना दावा नहीं कर सकती। अदालत ने कहा कि पहली पत्नी के जीवित रहते हुए किया गया दूसरा विवाह कानून की नजर में वैध विवाह नहीं माना जाएगा। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने यह फैसला दमयंती देवी की ओर से दायर याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता ने पहली पत्नी की मृत्यु के बाद अपने नाम पर पारिवारिक पेंशन जारी करने और पहले से बकाया पेंशन का भुगतान करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। मामले के अनुसार दमयंती देवी के पति खूब राम शिक्षा विभाग में जूनियर बेसिक टीचर के पद पर कार्यरत ...