विकासनगर, अप्रैल 22 -- पहलगाम में पर्यटकों पर हुए बर्बर हमले की पहली बरसी पर एक भावनात्मक पुस्तक पहलगाम..जब समय थम सा गया जनता के बीच आ गई। इस पुस्तक में उस भयावह दिन के अनुभवों को शब्दों में पिरोया गया है, जब पूरा माहौल मानो ठहर गया था। यह भी पढ़ें- कश्मीर के महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी यह भी पढ़ें- आदिल के पिता बोले-एक साधारण दिन त्रासदी में बदला था यह भी पढ़ें- भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा: मोदी
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