पश्चिमी देशों के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए बना था ब्रिक्स, 20 साल में पूरे हुए लक्ष्य?
नई दिल्ली, सितम्बर 10 -- ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह अपने उद्देश्यों में सफल हुआ या नहीं। इस मामले पर विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिक्स ने पहचान तो बनाई है, लेकिन लक्ष्य से अब भी दूर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ब्रिक्स को मजबूती, एकता के साथ निडर होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। ब्रिक्स क्या है? गौरतलब है कि ब्रिक्स नाम इसके मूल सदस्य देशों के अंग्रेजी नाम के पहले अक्षरों को मिलाकर बना है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका इसके सदस्य देश थे। 2006 में ब्रिक्स ने औपचारिक मंच के रूप में काम करना शुरू किया। इसके बाद 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने से यह ब्रिक्स बन गया। अब कई और देश उसका हिस्सा है। दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर सुधीर सिंह ने कहा कि शीत युद्ध क...
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