नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ भारत पर भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार को भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध के चलते तेल और गैस सप्लाई में बाधा, महंगा परिवहन और सप्लाई चेन की दिक्कतों ने भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। भारत के लिए प्रभाव और उद्योग व सरकार के लिए आवश्यक कदम विषय पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। मौजूदा संघर्ष के कारण जहाजों की आवाजाही करीब 95 फीसदी तक घट गई है। इससे माल ढुलाई और बीमा खर्च कई गुना बढ़ गया है। युद्ध जोखिम बीमा प्रीमियम 0.25 फीसदी से बढ़कर 5-10 फीसदी हो गया है। कतर, सऊदी अरब और यूएई ...
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