देवरिया, सितम्बर 24 -- देवरिया, निज संवाददाता। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की नस्ल सुधार और अधिक से अधिक मादा बछिया, पड़िया पैदा करने के उद्देश्य से वर्गीकृत वीर्य के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसकी जानकारी को गोरखपुर में मंडल स्तरीय विशेष प्रशिक्षण में जिले के चिकित्सकों ने भाग लिया।अपर निदेशक ग्रेड गोरखपुर मंडल डॉ. वेद प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में एबीएस कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ के उपयोग से कृत्रिम गर्भाधान करने की आधुनिक तकनीकों, सावधानियों और रख-रखाव की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्गीकृत वीर्य के प्रयोग से कृत्रिम गर्भाधान की सफलता दर बढ़ेगी और 90 प्रतिशत तक मादा बछिया पैदा होने की संभावना रहती है। यह भी पढ़ें- Muzaffarpur News: राष्ट्रीय गोकुल मिशन से 115 एआई मैत्री को मिला किट मुख्...