चंदौली, जुलाई 23 -- नियामताबाद, हिन्दुस्तान संवाद। अगर पालतू पशु लंगड़ा के चले या उसे चलने में तकलीफ हो रही है तो वह खुरपका मुंहपका या ब्रूसेला से ग्रसित हो सकता है। इन रोगों का कोई उपचार नहीं है। सिर्फ उन्हें टीकाकरण से ही बचाया जा सकता है। उक्त बातें प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डॉ आरके यादव ने गुरुवार को एक वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि पशुओं में खुरपका मुंहपका विषाणु से होने वाले रोग से न सिर्फ उनकी क्षमता कम होती है। बल्कि दूध उत्पादन में भी कमी होती है। इतना ही नहीं इससे मादा पशुओं का गर्भपात भी हो सकता है। दो खुर वाले पशुओं में मुंह के अंदरूनी त्वचा में सूजन और छाले हो जाते हैं। यह भी पढ़ें- Mainpuri News: पशुओं को खुरपका से बचाने को किया टीकाकरण इन छालों से अत्यधिक मात्रा में लार निकलती है। कहा कि पशुओं के खुर में छाले व पशु...