अल्मोड़ा, फरवरी 1 -- भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इसमें वैज्ञानिकों ने पर्वतीय क्षेत्रों की खेती को लाभकारी बनाने के गुर सिखाए। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना-कटाई उपरांत अभियांत्रिकी व प्रौद्योगिकी की अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत 'कटाई-उपरांत प्रौद्योगिकी व कृषि उद्यम विकास' विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इसमें अल्मोड़ा व बागेश्वर के अनुसूचित जाति के 17 किसानों ने भाग लिया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत के निर्देशन में हुए प्रशिक्षण में कृषि को उद्यमिता से जोड़कर आय बढ़ाने को प्रेरित किया। वैज्ञानिक भंडारण, कीट प्रबंधन, कटाई-उपरांत प्रौद्योगिकी, कठिन श्रम प्रबंधन के गुर सिखाए। मंडुआ थ्रेशिंग तकनीक, सोयाबीन व भट से टोफू और दूध बनाने, आटा...
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