पर्यूषण पर्व आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का पर्व
सोनभद्र, सितम्बर 9 -- सोनभद्र, संवाददाता। राबर्ट्सगंज स्थित जैन साधना भवन में आठ सितंबर से शुरू हुए पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन बुधवार को धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली से पधारे जैन श्रावक बंधु ने कल्पसूत्र का वाचन किया। इस दौरान उन्होंने पर्यूषण पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का पर्व बताया। यह भी पढ़ें- प्रार्थना, स्वाध्याय और तपस्या के साथ श्रद्धालुओं ने की पर्युषण की आराधनापर्यूषण पर्व का महत्व उन्होंने कहा कि पर्यूषण पर्व जैन धर्म में वर्षभर किए गए कार्यों की आत्म समीक्षा करने का अवसर प्रदान करता है। यह बाहरी प्रकाश से प्रकाशित होने वाला पर्व नहीं, बल्कि अंतरात्मा को ज्ञान, संयम और सद्विचारों से प्रकाशित करने का पर्व है। इस दौरान व्यक्ति अपने कर्मों का चिंतन करते हुए गलत कार्यों से मुक्ति और आत्मश...
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