जामताड़ा, सितम्बर 22 -- ​दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण पर्यूषण पर्व के सातवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं ने पूरी निष्ठा और आत्म-संयम के साथ उत्तम तप धर्म का पालन किया। प्रात:काल से ही शहर के दिगंबर जैन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन हुआ। भगवान महावीर और तीर्थंकरों के जयकारों से मंदिर प्रांगण गूंज उठे। उत्तम तप धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जैन मुनियों और विद्वानों ने कहा कि तप केवल आहार त्यागने का नाम नहीं है, बल्कि अपनी इच्छाओं, तृष्णाओं और क्रोध, मान, माया, लोभ पर नियंत्रण पाना ही सच्चा तप है। आत्मा को विकारों से मुक्त कर शुद्ध बनाने की प्रक्रिया का नाम ही तपस्या है। यह भी पढ़ें- Bijnor News: उत्तम तप जैन धर्म के दस धर्मों में से एक ​ इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने निर्जला उपवास, एकाशन औ...