पर्युषण पर्व आत्मशुद्धि, संयम और तपस्या का पर्व है
लखनऊ, सितम्बर 10 -- लखनऊ, संवाददाता। ठाकुरगंज स्थित श्वेतांबर जैन दादाबाड़ी में चल रहे पर्युषण पर्व के तीसरे दिन गुरुवार को कई धार्मिक व आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गये। नित्य प्रतिक्रमण व मंदिर में तीर्थंकर प्रभु की अंग, अग्र एवं भाव पूजा के बाद आयोजित प्रवचन में साध्वी अर्चना व यशोगुणा जी महाराज ने भगवान महावीर के शासन में दीक्षा लेने वाले राजा उदयन का जीवन चरित्र और सेठ सुदर्शन के जीवन प्रसंग के बारे में विस्तार से बताया। साध्वी जी ने कहा कि पर्युषण पर्व आत्मशुद्धि, संयम और तपस्या का पर्व है। संयम धर्म हमें अपनी इंद्रियों और मन पर नियंत्रण रखना सिखाता है। यह भी पढ़ें- आलस्य और प्रमाद कर्मबंधन के मुख्य कारण बनते हैं: स्वाध्यायी जी क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों पर विजय प्राप्त कर क्षमा, विनय, सरलता और संतोष को जीवन में अपनाना ह...
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