रांची, सितम्बर 13 -- रांची। पर्युषण महापर्व के छठे दिन डोरंडा स्थित श्वेतांबर जैन मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान महावीर स्वामी के जीवन चरित्र का वाचन किया गया। सुबह स्नात्र पूजा के बाद मुंबई से पधारे धैर्य पीयूष भाई और तीर्थ धर्मवीर शाह ने कल्पसूत्र के माध्यम से भगवान महावीर के वैराग्य का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि प्रभु महावीर ने 30 वर्ष की आयु में राजपाठ त्याग कर दीक्षा ली और 12 वर्षों की कठोर तपस्या के दौरान सभी उपसर्गों को समता भाव से सहा। चंडकौशिक सर्प का कल्याण कर उन्होंने अंततः केवलज्ञान प्राप्त किया। प्रवचन में आत्मशुद्धि, संयम व क्षमा का संदेश दिया गया। यह भी पढ़ें- Moradabad News: पर्यूषण पर्व को लेकर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में हुई साफ-सफाई शाम को धार्मिक अंताक्षरी और भक्ति संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें संत...