पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती : सीजेआई
नई दिल्ली, सितम्बर 19 -- सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि अदालतों के समक्ष अब सवाल 'संरक्षण बनाम विकास' का नहीं है, बल्कि यह है कि दोनों के बीच तालमेल कैसे बिठाया जाए। सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट के पर्यावरण से जुड़े कानूनी फैसलों के चार दशकों के सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण का कोई एक ही संवैधानिक रास्ता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 'पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि इन मुद्दों को लेकर चिंतित सभी लोग अक्सर मिलें और इन अहम मुद्दों पर चर्चा करें। यह भी पढ़ें- पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती- सीजेआईअंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा आयोजित 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य'...
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