बलरामपुर, अगस्त 29 -- बलरामपुर, संवाददाता। नालों से निकलने वाले दूषित पानी को बिना शोधन के नदियों और प्राकृतिक जलस्रोतों में प्रवाहित करने पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य/जज डॉ. अफरोज अहमद की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट में जिला पर्यावरण समिति की बैठक हुई। इसमें सीवेज ट्रीटमेंट, जल प्रदूषण नियंत्रण, नदियों के पुनर्जीवन और जैव विविधता संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। एनजीटी सदस्य/जज ने स्पष्ट कहा कि किसी भी नाले का दूषित पानी सीधे नदी या अन्य प्राकृतिक जलस्रोत में नहीं जाना चाहिए। सीवेज का निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप वैज्ञानिक तरीके से शोधन कराने के बाद ही उसका निस्तारण किया जाए। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सुचारु संचालन और उपचारित पानी की गुणवत्ता की नि...