रिषिकेष, मई 21 -- परमार्थ निकेतन आश्रम में गुरुवार को बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई। जिसमें विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने शांति, करुणा, सेवा और सामूहिक उत्तरदायित्व के संदेश के साथ मंगलाचरण किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर एकजुट होकर कार्य करने पर सहमति बनी। कार्यक्रम का शुभारंभ ऋषिकुमारों द्वारा वेदमंत्रों के उच्चारण, सर्वमंगल प्रार्थना के साथ हुआ। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आज संसार को केवल विकास की नहीं, बल्कि दिव्यता की भी आवश्यकता है। केवल तकनीक की नहीं, बल्कि संवेदना की भी जरूरत है। जब हम अपने भीतर की करुणा को भूल जाते हैं, तब नदियां प्रदूषित होती हैं। प्रकृति कराहती है और मानवता बिखरने लगती है। धर्म का अर्थ हर प्राणी के दुःख को अपना दुःख मानकर उसके लिए करुणा और सेवा के साथ खड़ा होना है। साध्वी भगवती...