चतरा, जून 5 -- चतरा, प्रतिनिधि। विश्व पर्यावरण दिवस पर कागजी दावों से जमीनी हकीकत डराने वाली है। चतरा जिले में पिछले 25 वर्षों के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि विकास की अंधी दौड़ में हमारे जंगल सिकुड़ रहे हैं। 25 साल पहले जिले में 1,09,248.300 हेक्टेयर वन क्षेत्र था, जिसमें से 2,844.048 हेक्टेयर भूमि विभिन्न कंपनियों को आवंटित कर दी गई। नतीजा यह है कि आज चतरा जिला का वन क्षेत्र सिमटकर 1,06,404.252 हेक्टेयर में रह गया है। यह भी पढ़ें- हरियाली बढ़ी.. सुलगता कूड़ा बन रहा जानलेवाधारा 1: वनस्पति विनाश का मामला सड़कों के चौड़ीकरण में पुराने पेड़ काट दिए गए और जो बचे हैं, वे रख-रखाव के अभाव में उपेक्षित हैं। धड़ल्ले से बिक रहा सिंगल यूज प्लास्टिक, नदियों पर संकट। यह भी पढ़ें- खूंटी में धड़ल्ले से बिक रहा है सिंगल यूज प्लास्टिकधारा 2: वाटर हार्वेस्टिंग की ...