लखनऊ, फरवरी 20 -- लखनऊ। हिमालय विशेषज्ञ, इतिहासकार व पर्यावरणविद प्रो. शेखर पाठक ने कहा कि पर्यावरण और अर्थव्यवस्था आपस में जुड़े हैं। कैसरबाग स्थित इप्टा कार्यालय के बलराज साहनी प्रेक्षागृह में शुक्रवार को आयोजित 'हिमालय की चिंता, पूरे देश की चिंता है' विषयक व्याख्यान में उन्होंने कहा कि केवल भागीदारीपूर्ण आंदोलनों से ही स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए चिपको आंदोलन एक महत्वपूर्ण आंदोलन था। पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्होंने स्थानीय संसाधनों के संरक्षण और उनके प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो रमेश दीक्षित, संचालन वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी ने किया। आभार इप्टा के महासचिव शहजाद रिजवी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. रूपरेखा वर्मा, प्रो. नदीम हसनैन, साम...
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