बांदा, अप्रैल 17 -- बांदा। बुंदेलखंड की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जिले में पर्यटन विकास को रफ्तार दी जा रही है। 20 प्रमुख पर्यटन केंद्रों का कायाकल्प कराया जा रहा है। जिसके लिए लगभग 50 करोड़ से महत्वाकांक्षी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन कामों के पूरा होने पर बांदा ऐतिहासिक धरोहरें विश्व पर्यटन के मानचित्र पर दर्ज होंगी। कालिंजर दुर्ग की प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में शामिल होने के बाद यहां विकास कार्य रफ्तार पकड़ रहे हैं। आवागमन को लेकर कालिंजर में बस अड्डे का निर्माण भी प्रक्रियाधीन है। भूरागढ़ और रनगढ़ किले में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। यह भी पढ़ें- जिले के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प यहां रिवर फ्रंट बनाए जा रहे हैं। वहीं कई स्थल ऐसे हैं जो उपेक्षा का शिकार हैं। जिन पर जिम्मेद...