पीलीभीत, जनवरी 25 -- पीलीभीत, संवाददाता। जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद जनपद मुख्यालय पर एक अदद पर्यटन विभाग का दफ्तर तक नहीं है। जिससे पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हर वर्ष राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 25 जनवरी को मनाया जाता है। हिमालय की तलहटी में बसे पीलीभीत जनपद की भौगोलिक स्थिति अन्य जनपदों से अलग है। यहां के विशालकाय जंगल के अंदर कल-कल करती नहरों का जाल है, जो लोगों को लुभाने का काम करती हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल के अंदर बाघ की दहाड़ लोगों को मंत्रमुक्त कर रही है, तो इको टूरिज्म स्पॉट चुका बीच भी पर्यटकों को लुभा रहा है। जंगल में सप्त सरोवर के अलावा आदिगंगा मां गोमती का उद्गम स्थल माधोटांडा के फुलहर झील से है। यह प्रतिदिन शाम को बनारस की तर्ज पर आरती होती है। जिला मुख्यालय पर बाबा गौरी शंकर का मंदिर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.