लखीसराय, दिसम्बर 23 -- मनीष कुमार, लखीसराय। प्राकृतिक वादियों, धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व से भरपूर लखीसराय जिला आज भी पर्यटन विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है। हैरत की बात यह है कि जिले में एक भी ऐसा विकसित पार्क, पिकनिक स्पॉट या पर्यटन स्थल नहीं है, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक सुकून के पल बिता सकें। यह स्थिति तब है, जब जिले के लगभग हर प्रखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद है। लखीसराय जिला धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर पहले से ही अपनी पहचान रखता है। जिले का प्रसिद्ध अशोक धाम न केवल बिहार बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। सावन और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इसी तरह चानन प्रखंड का शृंगि ऋषि धाम पौराणिक महत्व रखता है, ...
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