पर्यटन, होमस्टे और जनजातीय संस्कृति से बदल रही बस्तर की तस्वीर
नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- छत्तीसगढ़ का बस्तर पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। प्राकृतिक स्थलों, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म को स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, कुटुमसर और कैलाश गुफाएं, मां दंतेश्वरी मंदिर, दलपत सागर और बस्तर पैलेस जैसे स्थल पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण हैं। बस्तर में पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, लोकनृत्य, संगीत और जनजातीय जीवन से जुड़े अनुभवों के साथ विकसित करने की योजना है। इससे पर्यटकों को क्षेत्र की संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलने के साथ स्थानीय समुदायों के लिए आय के नए स्रोत तैयार हो सकते हैं।कनेक्टिविटी और होमस्टे से...
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