गुड़गांव, जुलाई 3 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत। सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौती अब भवन या संसाधन नहीं, बल्कि शिक्षकों की कमी बनती जा रही है। प्रदेश में हजारों शिक्षक पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जबकि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में भी कई स्कूल स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट (2026-27) के आंकड़े बताते हैं कि स्कूलों से लेकर शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों तक रिक्त पदों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर, कई गांव आज भी माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सुविधा से वंचित हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी तक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य अभी अधूरा नजर आ रहा है। प्रदेश में सबसे अधिक संकट वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में है। यहां स्वीकृत 21,311 पदों में से 5,573 पद खाली हैं। य...