गुड़गांव, मई 11 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद हरियाणा में टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन शिक्षकों पर पड़ सकता है जिनकी नियुक्ति 23 अगस्त 2010 से पहले हुई थी। गुरुग्राम सहित प्रदेशभर में हजारों शिक्षक इस फैसले को लेकर चिंतित हैं। लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों का कहना है कि पहले उन्हें टीईटी से छूट मिली हुई थी, लेकिन अब नई स्थिति बनने से उनकी नौकरी, पदोन्नति और सेवा सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगी। इसके बाद शिक्षा विभाग में यह चर्चा तेज हो गई है कि पुराने भर्ती नियमों के तहत लगे शिक्षकों को भी अब ...