गुड़गांव, जनवरी 12 -- गुरुग्राम। वर्ष 2022 में जिले के सरकारी स्कूलों के छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने और ई-अधिगम योजना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हजारों टैबलेट दिए गए। उम्मीद थी कि इससे पढ़ाई आसान होगी और ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सामग्री मिल सकेगी। लेकिन चार साल बाद यह योजना स्कूलों के लिए बोझ साबित होती नजर आ रही है। जिले में दिए गए टैबलेट्स में से 60 फीसदी से अधिक खराब हो चुके हैं, जिनका रखरखाव और सुरक्षित रखना अब स्कूलों की जिम्मेदारी बन गया है। खराब टैबलेट कहीं इधर-उधर न हों, इसलिए उन्हें स्कूलों में जमा करवा दिया गया है। जो टैबलेट काम कर रहे हैं, वही चुनिंदा छात्रों को दिए गए हैं, लेकिन वे भी धीरे-धीरे खराब होते जा रहे हैं। टैबलेट ठीक करवाने की कोई ठोस व्यवस्था या बजट नहीं है, ऐसे में खराब टैबलेट बस स्कूलों ...
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