वार्ता, मई 30 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने और सरकारी कर्मचारियों को नशामुक्त रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी विभागों को सरकारी सेवा में शामिल होने से पहले व्यक्तियों के लिए डोपिंग टेस्ट अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। शुक्रवार देर शाम यहां प्रशासनिक सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चिट्टा (हेरोइन) के खिलाफ एक जन आंदोलन शुरू किया है और ड्रग माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। यह भी पढ़ें- निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाएगी सुक्खू सरकार, नियमों में करेगी संशोधनसरकारी सेवा में नियुक्ति से पह...