रामपुर, फरवरी 26 -- आगामी परीक्षाओं को ध्यान में रखते प्रधानाचार्यों द्वारा सभी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र का सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत उसके माता-पिता और उसके शिक्षक होते हैं। अत: माता-पिता एवं शिक्षक दोनों का दायित्व है कि वे बच्चों का उत्साहवर्धन करें और उनमें आत्मविश्वास बनाए रखें। कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को बच्चों को अनावश्यक सलाह देने से बचना चाहिए। बार-बार अलग-अलग प्रकार की बातें सुनकर विद्यार्थी भ्रमित हो सकते हैं। परीक्षा के दिनों में विद्यार्थियों को मानसिक रूप से शांत और एकाग्र रहने की आवश्यकता होती है। परीक्षाओं के बीच मिलने वाले अवकाश का सदुपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थी समय सारिणी बनाकर पढ़ाई करें और समय की बचत करें। निर्धारित योजना के अनुसार अध्ययन करने से तैयारी अधिक प्र...