सराईकेला, जुलाई 6 -- खरसावां। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि परिसीमन संवैधानिक व्यवस्था के तहत होने वाली प्रक्रिया है। और इसके लिए गठित परिसीमन आयोग सभी आवश्यक पहलुओं का अध्ययन कर निर्णय लेता है। रविवार को खरसावां में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि परिसीमन का कार्य लगभग 30 वर्षों में एक बार होता है। आयोग यह तय करता है कि किन आधारों पर और किस प्रकार से निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले जब परिसीमन की प्रक्रिया हुई थी, तब झारखंड के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण विषय सामने आए थे। उस समय उन्होंने भी उन मुद्दों की ओर आयोग का ध्यान आकृष्ट कराया था। यह भी पढ़ें- परिसीमन में आदिवासी आरक्षित सीटों की सुरक्षा को ले एआईसीसी प्रभारी से मिले उन्होंने बताया कि उस दौरान झारखंड में परिसीम...