रांची, अगस्त 21 -- रांची, वरीय संवाददाता। पिस्का मोड़ में शुक्रवार को आयोजित केंद्रीय सरना संघर्ष समिति की बैठक में झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन के प्रतिकूल प्रभावों पर चिंता जताई गई। समिति अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि परिसीमन केवल क्षेत्रों का पुनर्गठन नहीं, बल्कि आदिवासियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यदि समाज समय रहते संगठित नहीं हुआ, तो आरक्षित सीटों के घटने का जोखिम रहेगा, जैसा वर्ष 2002-2008 में हुआ था। संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और एकजुटता के उद्देश्य से 30 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में महादेव एक्का, विनोद टोप्पो, मनोज तिर्की और सती तिर्की सहित कई सदस्य उपस्थित थे। यह भी पढ़ें- रांची में आदिवासी एकता महाजुटान रैली 3...