हापुड़, अप्रैल 11 -- गढ़मुक्तेश्वर, संवाददाता। परिषदीय स्कूलों के कक्षा चार के बच्चे एक बार फिर वर्षों पुराना चिड़िया का गीत सबसे पहले मेरे घर का अंडे जैसा था आकार गुनगुनाएंगे। इस बार कक्षा चार में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया है। हिंदी की किताब वीणा में पिछली किताब फुलवारी के मुकाबले पाठ भी कम किए गए हैं। पिछले साल 21 पाठ थे, जो अब मात्र 13 रह गए हैं। बीते वर्ष तक कक्षा चार की हिंदी पुस्तक में शुरुआत में ही जग के स्वामी प्रार्थना थी। इसे अब बदल दिया गया है। नई पुस्तक की शुरुआत त्रिलोक सिंह ठकुरेला की लिखी हुई प्रार्थना ऐसा वर दो से होती है। इसके बाद चिड़िया का गीत और बगीचे का घोंघा पाठ आते हैं। पिछली पाठ्यपुस्तक के केवल तीन पाठ ही नई पुस्तक में हैं। इनमें हौसला, सत्य की जीत और ओणम के रंग शामिल हैं। सत्य की जीत पाठ को पिछली किताब ...
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