लखनऊ, मई 26 -- यूपी में परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पिछले करीब 10 वर्षों में ड्रापआउट दर में कमी दर्ज हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016-17 में ड्रापआउट दर 15 प्रतिशत थी और अब इस समय यह घटकर तीन प्रतिशत रह गई है।परिषदीय स्कूलों में डिजिटल मॉनीटरिंग, विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं में बढ़ोत्तरी और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को स्कूल वापस लाने के लिए घर-घर दस्तक दी गई। जिसका परिणाम यह है कि स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में कमी दर्ज हुई है। राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन भी किया गया है। परख सर्वेक्षण में पहली बार यूपी के कक्षा तीन के छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से अच्छा रहा है। नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके चलते स्कूलों में व...