गाज़ियाबाद, मई 31 -- वंदना श्यारौलिया गाजियाबाद। महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में समाज की बदलती सोच की साफ तस्वीर दिख रही है। अब जिले की महिलाएं घरेलू हिंसा या अपने आत्म-सम्मान से समझौते को अपनी किस्मत मानकर चुप बैठने को तैयार नहीं हैं।

महिलाओं की आवाज महिलाएं अपने हक, नौकरी और स्वाभिमान की रक्षा के लिए खुलकर आवाज उठा रही हैं और कानूनी मदद ले रही हैं। परामर्श केंद्र के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, काउंसलिंग के लिए आने वाले मामलों में से लगभग 70 फीसदी मामले घरेलू हिंसा और महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने से जुड़े हैं।

आर्थिक आत्मनिर्भरता काउंसलर्स का कहना है कि गाजियाबाद, इंदिरापुरम, और लोनी जैसे क्षेत्रों से आने वाले मामलों में अब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहती हैं। अगर वे कामकाजी हैं तो वे अपनी कमाई और नौकरी प...