अलीगढ़, मार्च 10 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता और सरकारी प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारी का बोझ अब भी ज्यादातर महिलाओं के कंधों पर ही दिख रहा है। जनपद में नसबंदी कार्यक्रम की ताजा रिपोर्ट इसी असंतुलन की कहानी बयान करती है। आंकड़े बताते हैं कि परिवार नियोजन के स्थायी उपायों में महिलाओं की भागीदारी कहीं अधिक है, जबकि पुरुष नसबंदी अब भी बेहद सीमित दायरे में सिमटी हुई है। अलीगढ़ में वर्ष 2025-26 के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी का कुल लक्ष्य 5751 रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जनवरी तक 4538 नसबंदी कराई जा चुकी हैं, यानी लक्ष्य का 84.4 प्रतिशत पूरा हो चुका है। हालांकि मार्च तक लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी भी 1,213 नसबंदी और करानी होंगी। रिपोर्ट में सामने आया कि नसबंद...