संभल, अप्रैल 6 -- जनपद में इस वर्ष आलू उत्पादक किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है। कभी फायदे का जरिया मानी जाने वाली आलू की खेती अब किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है। बीते साल के मुकाबले इस बार आलू के दाम आधे से भी कम हो गए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि एक बीघा आलू की फसल तैयार करने में करीब 10 से 11 हजार रुपये तक की लागत आती है। इसमें बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी और खुदाई जैसे तमाम खर्च शामिल होते हैं। लेकिन बाजार में मौजूदा समय में आलू की कीमत मात्र 200 से 400 रुपये प्रति बोरा रह गई है। वहीं उत्पादन की बात करें तो इस बार एक बीघा में लगभग 15 से 20 कुंतल पैदावार हुई है। जो किसानों की लागत निकालने के लिए भी पर्याप्त साबित नहीं हो रही। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है ...
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